पूज्य श्री तनसिंह जी की जयन्ती 25 जनवरी को विभिन्न स्थानों पर मनाई गई।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में माननीय संघप्रमुख श्री के सान्निध्य में कार्यक्रम हुआ, जिसमें दिल्ली के स्थानीय स्वयंसेवको ने भाग लिया। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में संघप्रमुख श्री ने पूज्य श्री तनसिंह जी और श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेडा के साथ बिताए समय के संस्मरण सुनाए और उनके जीवन की घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में पतंजलि के अष्टांग योग की व्याख्या की। कार्यक्रम का समापन सहभोज से हुआ। चित्तौड़ स्थित महाराणा भूपाल छात्रावास में 25 जनवरी को पूज्यश्री की जयन्ती संघ के संचालन प्रमुख लक्ष्मण सिंह जी बेन्याकाबास के सान्निध्य में मनाई गई। संचालन प्रमुख जी ने समारोह को संबोधित करते हुए पूज्य श्री के जीवन, संघ की स्थापना और उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तनसिंह जी ने हमारे इतिहास को तोड़-मरोड़ कर दूषित करने के प्रयत्नों को उसी समय पहचान लिया था और उसके प्रति सामाजिक चेतना जागृत करने और वास्तविक तथा प्रामाणिक इतिहास को संरक्षित करने का कार्य कर दिया था। क्षत्रिय युवक संघ आज भी वह कार्य कर रहा है। कार्यक्रम को देवेंद्र सिंह जी शेखावत तथा पूर्व प्रधान गोविंद सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ स्वयंसेवक गंगा सिंह साजियाली ने किया।

केन्द्रीय कार्यालय संघशक्ति जयपुर में वरिष्ठ स्वयंसेवक महावीरसिंह सरवड़ी के सानिध्य में प्रतिवर्ष की भांति कार्यक्रम रखा गया जिसमें केन्द्रीय कार्यकारी गजेन्द्र सिंह आऊ ने पूज्य तनसिंह जी के जीवन दर्शन के स्थूल स्वरूप श्री क्षत्रिय युवक संघ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के उपरांत स्नेहभोज का आयोजन किया गया।
25 जनवरी को ही बालोतरा प्रान्त के कल्याणपुर कस्बे में स्थित जगदम्बा राजपूत छात्रावास में जयन्ती कार्यक्रम वरिष्ठ स्वयंसेवक शंकर सिंह महरौली एवं देवी सिंह माडपुरा के सान्निध्य में सम्पन्न हुआ। समारोह को संबोधित करते हुए शंकर सिंह जी ने कहा कि श्री क्षत्रिय युवक संघ के मार्ग पर चलना ही तनसिंह जी का वास्तविक स्मरण है। देवी सिंह जी ने पूज्य श्री एवं अपने सांघिक जीवन के संस्मरण सुनाए। बालोतरा प्रान्त प्रमुख राण सिंह ने तनसिंह जी का जीवन-परिचय और शेरगढ़ प्रान्त प्रमुख चंद्रवीर सिंह भालु ने संघ का परिचय प्रस्तुत किया। समारोह को रावल किशन सिंह जसोल, सिवाना विधायक हमीर सिंह भायल, कल्याणपुर प्रधान हरी सिंह, नागाणा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष उम्मेद सिंह अराबा, अमर सिंह अकली और हुकम सिंह अजीत ने भी संबोधित किया। बालोतरा, समदड़ी, लूणी, सिणधरी, बायतु और सिवाणा उपखण्ड के हजारों समाजबंधु समारोह में शामिल हुए। समारोह का संचालन मदन सिंह सोलंकिया तला ने किया।

इसी क्रम में शिव प्रान्त के भिंयाड़ गांव में जयंती समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें वरिष्ठ स्वयंसेवक कमल सिंह चूली और केन्द्रीय कार्यकारी प्रकाश सिंह भुरटिया उपस्थित रहे। कमल सिंह जी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संसार का स्वाभाविक रुख अधःपतन की ओर जा रहा है और संघ इस प्रवाह को मोड़कर उर्ध्वमुखी बनाता है। जागृत व्यक्ति संगठित होकर ही ऐसा कर सकते हैं, अतः हमें संघ मार्ग पर निष्काम भाव से बढ़ते रहना है। प्रकाश सिंह भुरटिया ने कहा कि संघ का शिक्षण किसी काल विशेष के सापेक्ष नहीं है, अपितु यह शाश्वत मूल्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण है। कार्यक्रम को पूर्व सरपंच सवाई सिंह भिंयाड़ ने भी संबोधित किया। देवीसिंह भिंयाड़ ने पूज्यश्री का परिचय प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ध्वजारोहण एवं प्रार्थना से प्रारंभ हुआ। इस दौरान पूज्य श्री तनसिंह स्मृति सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। छात्रा रितु चारण ने माता पद्मावती पर ओजस्वी कविता सुनाई। ध्वजावतरण और मंत्रोच्चारण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। प्रान्त प्रमुख राजेन्द्र सिंह भिंयाड़ भी कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली।इसी क्रम में पूज्य श्री तनसिंह जी का जयंती समारोह जालोर प्रान्त के आहोर मंडल के मोरुआ और बेदाना की शाखाओ के संयुक्त तत्वाधान में आशापुरा माताजी मंदिर, बेदाना में सम्पन्न हुआ, जिसमें 250 से अधिक समाजबंधु सम्मिलित हुए। उपस्थित समाज बंधुओं को बताया गया कि पूज्य तनसिंह जी ने अपने जीवन को सामाजिक न्यास में तब्दील किया एवं अपनी प्रत्येक असाधारणता को समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साधारणता बनाने में पूरे जीवन संलग्न रहे। केवल स्वयं ने ही ऐसा नहीं किया बल्कि एक ऐसा राजमार्ग उपलब्ध करवाया जिस पर चलकर उनके अनेक साथी उनकी इस विशेषता की तरफ बढे हैं। उनकी माताजी असाधारण महिला थीं जिन्होंने माता के ममत्व के साथ पिता का दायित्व भी निभाया और उन्हें अपने जीवन को निखारने का पूरा अवसर उपलब्ध करवाया। कार्यक्रम को गणपतसिंह भंवरानी, हणवंतसिंह मोरुआ व बालिका शाखा की बालिकाओं ने भी संबोधित किया।
दौसा के बाढ़ मोचिंगपुर गांव में 25 जनवरी को जयन्ती कार्यक्रम का आयोजन हुआ। पूज्य श्री को तस्वीर के आगे दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात मंगलाचरण और प्रार्थना से कार्यक्रम आगे बढ़ा। आपस में परिचय के पश्चात राजेन्द्र सिंह बोबासर ने पूज्यश्री का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। प्रान्त प्रमुख मदन सिंह बामण्या ने संघ की कार्यप्रणाली को विस्तार से समझाया। संचालन महेंद्र सिंह चावंडेडा ने किया।
श्री तनसिंह जी की जयन्ती के अवसर पर बालिका शाखा राजेन्द्र नगर, पाली में भी कार्यक्रम रखा गया, जिसमें सम्भाग प्रमुख अर्जुन सिंह देलदरी ने पूज्य श्री के जीवन को गीता में वर्णित क्षत्रिय के सात गुणों से ओत प्रोत बताते हुए कहा कि हमारे द्वारा इन गुणों को जीवन मे उतारना ही तनसिंह जी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। महिला प्रभारी रश्मि कँवर जी ने कहा कि बेटी दो घरो को शिक्षित करती है इसलिए इस अंधकारमय वातावरण में हमें संस्कारित करने का कार्य श्री क्षत्रिय युवक संघ शाखा और शिविर के माध्यम से कर रहा है। हमें भी तनसिंह जी के विचार को घर घर मे पहुंचाना होगा, इसी में हमारे समाज और देश का कल्याण निहित है। कार्यक्रम मे कल्याणसिंहजी, महेन्द्रसिंहजी, पाबुसिंहजी खरोकङा, चन्द्रवीरसिंह सहित संघ की दुर्गादास शाखा, हाऊसिंग बोर्ड शाखा व बालिका शाखाओं की स्वयंसेविकाएँ भी उपस्थित रही। इसी प्रकार पाली जिले की छोटी रानी शाखा में स्वयंसेवको ने पूज्यश्री की जयन्ती मनाई। गोडवाड प्रान्त प्रमुख हीर सिंह लोडता ने तन सिंह जी की जीवनी पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर माधो सिंह पादरली सिन्धलान्, भंवर सिंह, विशन सिंह, नरपत सिंह, शैतान सिंह, गोविन्द सिंह, अजीत सिंह, कुन्दन सिंह, दिव्यराज सिंह, संग्राम सिंह अादि मौजूद थे। उदयपुर स्थित बी. एन. पीजी कॉलेज के प्राँगण में पूज्य श्री की जयन्ती समारोह पूर्वक मनाई गई, जिसका शुभारम्भ प्रार्थना एवं सहगान के साथ हुआ। आपस में परिचय के पश्चात् पूज्यश्री को पुष्पांजलि अर्पित की गई। संभाग प्रमुख भंवर सिंह बेमला द्वारा पूज्यश्री के व्यक्तित्व-कृतित्त्व और संघ के बारे मे विस्तार से समझाया। संघ से जुडने से हम भी हमारा सर्वांगीण विकास कर सकते हैं। कार्यक्रम में डॉ. कमल सिंह बेमला, स्वरूप सिंह बिजेरी, भगत सिंह बेमला, श्रवण सिंह बिजेरी, सवाई सिंह बिजेरी, करण सिंह झालरा सहित छात्रावास के विद्यार्थी उपस्थित रहे।
नागौर स्थित संघ कार्यालय आयुवान निकेतन में भी पूज्यश्री की जयन्ती मनाई गई। नागौर के कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वयंसेवक भगवत सिंह सिंघाणा उपस्थित रहे। नागौर के ही छापड़ा में अमर राजपूत छात्रावास में जयन्ती कार्यक्रम प्रान्त प्रमुख उगम सिंह गोकुल के संचालन में सम्पन्न हुआ। अजमेर की महिला शाखा में भी स्वयंसेविकाओं द्वारा पूज्यश्री को उनकी जयन्ती पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पोकरण के भैंसड़ा और सांकड़ा में भी जयन्ती कार्यक्रम आयोजित हुए। बीकानेर एवं बाड़मेर के अन्य स्थानों पर भी कार्यक्रम सम्पन्न हुए, जिनमें बड़ी संख्या में समाजबंधु सम्मिलित हुए। इसी प्रकार गुजरात के गोहिलवाड़ प्रान्त की अवाणियाँ शाखा में पूज्य श्री की जयन्ती मनाकर उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट की गई।

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