“श्री क्षत्रिय युवक संघ में आपको जो दायित्व दिया जाता है, वह आपको निभाना ही है। यहाँ त्यागपत्र का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कार्य छोड़ने का हमारा अधिकार है। कार्य करवाने वाला ईश्वर है, इसी भाव से जब तक जीवन शेष है, संघ-कार्य किए जाना है। हम में से प्रत्येक को किसी भी प्रकार का दायित्व दिया जा सकता है, उसके लिए स्वयं को तैयार करते रहे।” यह संदेश माननीय संघप्रमुख श्री ने केन्द्रीय कार्यालय ‘संघशक्ति भवन’ में 17 दिसम्बर,2017 को आयोजित अर्द्धवार्षिक समीक्षा बैठक में उपस्थित दायित्वाधीन स्वयंसेवकों को दिया। बैठक के दौरान सभी केंद्रीय कार्यकारियों, संभाग प्रमुखों, प्रान्त प्रमुखों, केंद्रीय विभाग प्रभारियों तथा प्रकोष्ठ प्रभारियों ने इस सत्र में अब तक किये गए कार्य का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। सत्र के शेष समय के लिए क्या योजना रहेगी, इस पर भी विमर्श हुआ। संघ के स्थापना दिवस 22 दिसम्बर से संघ का सत्र प्रारम्भ करने का भी निर्णय किया गया। कर्मचारी प्रकोष्ठ द्वारा जनवरी-फरवरी माह में कर्मचारियों के शिविर आयोजित करने, व्यवसायी प्रकोष्ठ, अधिवक्ता प्रकोष्ठ एवं गौरव सेनानी प्रकोष्ठ को और अधिक सक्रिय करने पर भी चर्चा हुई। इस सत्र के दैरान अभी तक हुए शिविर, शाखाओं की संख्या, स्नेहमिलन एवं संपर्क यात्रा, संघशक्ति-पथप्रेरक की ग्राहक संख्या आदि बिंदुओं पर प्रान्तवार विस्तार से चर्चा हुई। इसके पश्चात संभागवार बैठक कर के आगामी शिविरों एवं अन्य कार्यक्रमों पर चर्चा की गई तथा उसी के अनुरूप स्वयंसेवकों की जिम्मेदारी तय की गई।

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