24-25 फरवरी को सुरेन्द्रनगर (गुजरात), पालवास (सीकर), जालोर तथा बीकानेर में श्री क्षत्रिय युवक संघ के स्नेहमिलन आयोजित हुए।
गुजरात के सुरेंद्रनगर स्थित संघ कार्यालय ‘शक्तिधाम’ में संचालन प्रमुख श्री लक्ष्मण सिंह बेन्याकाबास तथा वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री अजित सिंह धोलेरा के सान्निध्य में 24-25 फरवरी को स्नेहमिलन सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संचालन प्रमुख जी ने कहा कि हम संघ के जिम्मेवार स्वयंसेवक वास्तव में तभी बन सकते है जब संघ-कार्य की जिम्मेदारी को निरंतर व नियमित रूप से निभाते रहें। श्री अजित सिंह धोलेरा ने स्वयंसेवकों को जिम्मेवार बनने के लिए 18 सूत्र बताए तथा उनका पूर्ण निष्ठा से पालन करने का निर्देश दिया। कार्यक्रम में पूरे गुजरात के स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। सभी प्रान्त-प्रमुखों ने इस सत्र में अपने प्रान्त में हुए संघ कार्य का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके पश्चात आगामी तीन माह के लिए कार्ययोजना बनाई गई तथा उसी के अनुरूप स्वयंसेवकों को दायित्व सौंपे गए।
इसी प्रकार सीकर जिले के पालवास गाँव में 24 फरवरी को स्नेहमिलन का आयोजन किया गया जिसमें केन्द्रीय कार्यकारी श्री रेवन्त सिंह पाटोदा उपस्थित रहें। उन्होंने स्वयंसेवको को संबोधित करते हुए कहा कि क्षत्रिय के हित में जीवन जीना ही हमारे जीवन की सार्थकता है तथा इसमें शाखा हमारा सहयोग करती है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों के साथ क्षत्रिय के गुणों को स्पष्ट किया। कार्यक्रम में भँवर सिंह नाथावतपुरा, गौरीशंकर सिंह दीपपुरा, ज्ञानसिंह खोरी, गंगा सिंह पालवास सहित कई स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
25 फरवरी को जालोर शहर स्थित संभाग प्रमुख अर्जुन सिंह देलदरी के आवास पर स्नेहमिलन सम्पन्न हुआ, जिसमें जालोर, सायला व सिरोही प्रान्त के स्वयंसेवकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का प्रारम्भ माननीय संघप्रमुख श्री के नववर्ष संदेश के पठन से हुआ। तत्पश्चात तीनों प्रान्तों में अब तक हुए कार्य की समीक्षा की गई तथा आगामी तिमाही हेतु कार्ययोजना बनाई गई। कार्ययोजना में मई में होने वाले उच्च प्रशिक्षण शिविर हेतु योग्यताधारियों की सूची बनाकर उनसे संपर्क, संघशक्ति-पथप्रेरक के ग्राहक बनाना, नए सत्र में लगने वाले शिविरों हेतु स्थानों का चुनाव, शाखाओं का विस्तार, कर्मचारी एवं व्यापारी प्रकोष्ठ के कार्यक्रमों की रूपरेखा आदि बिंदु सम्मिलित रहे। साथ ही जालोर के सियाणा क्षेत्र तथा सिरोही प्रान्त के कुछ सीमावर्ती गांवों को मिलाकर नए सियाणा मंडल का भी गठन किया गया।
25 फरवरी को ही बीकानेर शहर में भँवर सिंह जी उदट के निवास पर स्नेहभोज व स्नेहमिलन का आयोजन हुआ, जिसमें अब तक हुए संघ कार्य की समीक्षा करने के साथ ही आगामी तिमाही हेतु कार्ययोजना भी बनाई गई। आगामी शिविरों पर चर्चा के साथ ही 10-12 मार्च को प्रस्तावित नोखा-कोलायत प्रान्त की सम्पर्क यात्रा पर भी चर्चा हुई। श्रद्धेय नारायण सिंह जी रेडा की जयन्ती पर पारिवारिक स्नेहमिलन के आयोजन का भी निर्णय हुआ।

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