प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर

सामान्य परिचय

शिविर – श्री क्षत्रिय युवक संघ की साधना उध्र्वगामी साधना है। वर्तमान युग में हमारा समाज भी भौतिक परिस्थितियों व संसार की झूठी चकाचैंध को प्राप्त करने के लिए अधोगति तक को स्वीकार करने के लिए तत्पर है। ऐसी मनोवृति को छोड़ कर क्षत्रिय के उच्च आदर्शों की ओर अग्रसर करना समाज के भीतर दैनिक जीवन के विषमय वातावरण में असम्भव सा लगता है। अतः हमारे दैनिक जीवन से अलग ले जाकर एक कृत्रिम वातावरण का सृजन कर उसमें संघ के सिद्धान्तों का अभ्यास करवाने के लिए शिविरों का अयोजन किया जाता है। ऐसे शिविरों के स्थान यथासंभव कोलाहल से दूर एकांत एवं नीरव स्थान होते हैं। जहा शिविरार्थियों को 24 घण्टे अमृतमय वातावरण में अनुकूल को अपनाने एवं प्रतिकूल को छोड़ने का अभ्यास कराया जाता है। शिविरों का आयोजन स्थानीय लोगों के सहयोग से किया जाता है। स्थानीय लोग सामान्य भोजन की व्यवस्था कर देते है एवं शेष दैनिक उपयोग की न्यूनतम आवश्यकता वाली वस्तुएं शिविरार्थी अपने साथ लेकर आते हैं।

-श्री क्षत्रिय युवक संघ

प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर

यह शिविर चार दिन के होते है। श्री क्षत्रिय युवक संघ के प्रारंभिक परिचय के लिए लगाये जाते हैं। इनमें प्रायः उच्च प्राथमिक कक्षाओं से लेकर स्नातक तक के नये शिविरार्थी भाग लेते हैं। खेलों, सहगीतों, ऐतिहासिक घटनाओं एवं सामान्य जीवन व्यवहार के हल्के फुल्के कार्यक्रम इन शिविरों में होते हैं। इन शिविरों का प्रमुख उद्देश्य शिविरार्थी में संघ के निर्देशों का अभ्यास एवं समाज के प्रति अपनापन पनपाना होता है ताकि वह आगे के प्रशिक्षण हेतु स्वयं को प्रस्तुत कर सके। ऐसे शिविरों का आयोजन प्रायः तहसील स्तर पर होता है|