बिरामी, पाली में 6 अगस्त को अनावरित दुर्गादास जी की प्रतिमा

वीर शिरोमणि दुर्गादास राठौर की 380वीं जयंती भारतीय तिथि अनुसार 6 अगस्त 2017 को देश भर में मनाई गई। जयपुर की राव शेखाजी शाखा, सिरसी रोड में आयोजित समारोह को माननीय महावीर सिंह जी ने संबोधित किया। उन्होंने दुर्गादास जी के जीवन की अनेकों घटनाओं का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे दुर्गादास जी हमारे लिए आदर्श क्षत्रिय के उदाहरण है। उनका पूरा जीवन गीता में वर्णित क्षत्रिय के सात गुणों- शौर्य, तेज, धैर्य, दक्षता, संघर्षशीलता, दानवीरता तथा ईश्वरीय भाव का जीवंत रूप है। कार्यक्रम का सञ्चालन जयपुर संभाग प्रमुख श्री विक्रम सिंह सिंघाणा ने किया। मारुड़ी (बाड़मेर) में चल रहे प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान 6 अगस्त को दुर्गादास जयन्ती मनाई गई। कार्यक्रम में संत प्रतापपुरी जी तथा नारायण भारती जी का सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में राम सिंह जी माडपुरा, देवी सिंह जी माडपुरा, महिपालसिंह जी चूली, कमल सिंह जी चूली, प्रेम सिंह जी पादरू, पृथ्वी सिंह जी रामदेरिया, दीप सिंह जी रणधा आदि उपस्थित थे। बीकानेर संभाग के कोलायत मंडल के मेड़ी का मगरा गाँव में आयोजित प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर के दौरान दुर्गादास जयंती का कार्यक्रम हुआ जिसमें देवबन मठ के महंत संतोषदान जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हुआ। पाली के वीर दुर्गादास राजपूत छात्रावास में आयोजित शिविर के दौरान जयंती कार्यक्रम संघ के मुख्य कार्यकारी श्री प्रेम सिंह जी रणधा एवं संत श्री समताराम जी की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर स्थित दुर्गादास जी के समाधि स्थल पर जयंती कार्यक्रम श्री क्षत्रिय युवक संघ के तत्वावधान में आयोजित हुआ। समारोह की अध्यक्षता डी.आई.जी. पुलिस श्री रमन सिंह सिकरवार ने की। कार्यक्रम में श्री विक्रम सिंह इंद्रोई, श्री गंगा सिंह साजियाली, श्री गोपाल शरण सिंह सहाड़ा, श्री बलवन्त सिंह महणसर, श्री तेजबहादुर सिंह शक्तावत, श्री कान सिंह असावा, श्री शैलेन्द्र सिंह सुखेड़ा, श्री यशवंत सिंह सामानेरी आदि उपस्थित थे। बीकानेर जिला मुख्यालय पर स्थित दुर्गादास सर्किल पर क्षत्रिय सभा के तत्वावधान में दुर्गादास जी की जयन्ती मनाई गई, जिसमें केंद्रीय वित्त राज्य मन्त्री श्री अर्जुन राम मेघवाल मुख्य अतिथि थे। समारोह में बड़ी संख्या में जनसमुदाय ने भाग लिया। कार्यक्रम में क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष बजरंग सिंह रॉयल, नगर विकास न्यास के अध्यक्ष श्री महावीर रांका एवं महापौर श्री नारायण चोपड़ा भी उपस्थित थे। बीकानेर में श्री डूंगरगढ़ स्थित रघुकुल सेवा संसथान छात्रावास में दुर्गादास जी की जयन्ती वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री जोरावर सिंह जी भादला की उपस्थिति में प्रताप फाउंडेशन के तत्वावधान में मनाई गई। पाली जिले के बिरामी गाँव में दुर्गादास जी की जयन्ती केन्द्रीय कार्यकारी श्री रेवंतसिंह पाटोदा की उपस्थिति में मनाई गई। इस अवसर पर गाँव के तालाब की पाल पर स्थित दुर्गादास जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। समारोह में आस पास के गाँवों से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं ने भाग लिया, साथ ही जोधपुर, बाड़मेर, जालोर जिलों में स्थित करणोतों के गाँवों से प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। गुजरात के मेहसाणा प्रान्त के पडुस्मा गाँव में 6 अगस्त को प्रान्त के स्वयंसेवकों का मासिक स्नेहमिलन रखा गया, जिसमें दुर्गादास जी की जयन्ती भी मनाई गई। जयंती कार्यक्रम में क्षेत्र के सैंकड़ो व्यक्तियो ने भाग लिया। जैसलमेर के मूलाना गाँव के शाखा मैदान में दुर्गादास जी की जयंती मनाई गई, जिसमें उपस्थित स्वयंसेवकों ने पुष्पांजलि अर्पित की एवं दुर्गादास जी के व्यक्तित्व और कृतित्व को जाना। मुम्बई में तणैराज शाखा, अँधेरी साप्ताहिक शाखा और नारायण शाखा भाईंदर में जयंती मनाई गई, जिनमें सैंकड़ो की संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया। शाखाओं में तनसिंह जी द्वारा लिखित ‘क्षिप्रा के तीर’ प्रकरण का पठन भी किया गया। जोधपुर में प्रतिवर्ष की भांति टाउन हाल में कार्यक्रम हुआ जिसमें दुर्गादास जी की स्मृति में पुरस्कार दिए गए। मसूरिया स्थित स्मारक पर भी श्रृद्धा सुमन अर्पित किए गए।इसके अतिरिक्त दिल्ली, सूरत, भावनगर, खोडियार, धोलेरा, बालोतरा, खंदरा आदि अनेकों स्थानों पर जयन्ती कार्यक्रम आयोजित हुए।

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