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“संघ समाज की आवश्यकता है और संघ कार्य का विस्तार भी समाज की आवश्यकता है। इस आवश्यकता को समझने वाला यही मान कर कार्य करेगा कि यह मेरा अपना कार्य है। इसी भाव को शास्त्रों में ‘इदं मम्’ का नाम दिया गया है। जिम्मेदारी उसी की है जो इसे अपनी जिम्मेदारी समझता है। आप सबमें वह भाव देखकर ही श्री क्षत्रिय युवक संघ ने अपना कार्य आपको सौंपा है।” उपरोक्त सन्देश माननीय संघप्रमुख श्री ने बाड़मेर के भारतीय ग्राम्य आलोकायन आश्रम में 10 व 11 जून को आयोजित कार्ययोजना शिविर में भाग ले रहे दायित्वाधीन स्वयंसेवकों को कही। इस शिविर में लगभग 125 प्रान्त प्रमुख, सह प्रांतप्रमुख, संभाग प्रमुख, केंद्रीय विभाग प्रमुख, केंद्रीय कार्यकारी आदि ने विचार-विमर्श करके आगामी सत्र हेतु कार्ययोजना तैयार की।

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