29 अक्टूबर से 12 नवंबर की अवधि में श्री क्षत्रिय युवक संघ के आठ प्रशिक्षण शिविर विभिन्न स्थानों पर सम्पन्न हुए। इन शिविरों के संक्षिप्त समाचार यहां प्रस्तुत है।
गुजरात में बनासकांठा प्रान्त के अंतर्गत बालिकाओं का सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर रोयल शैक्षणिक संकुल, रमूँन में आयोजित हुआ। 01 से 07 नवम्बर की अवधि में सम्पन्न इस शिविर में जाखडी, वलादर, रामसन, सामलवाडा, केसरगाँव, उबरी, लवारा, राह सिया, काणेटी, चारडा, रानेर, धाम सन, मडाना, वाघासण, थराद, घोडासर, जोधपुर, माडका, जालोढा, अरणीवाडा, चिभडा, करबुण, शाहपुर, मांडल, कुडा, जलोद पीलुडा, सातसण, जडिया, भाटवर, गोलवी, नालोदर, कंम्बोई, जाडी, आरखी, धुणसोल, पांथावाडा, ईढाटा, जसरा, पांसवाल, ताजा लाखणी, भीलाचल, डुवा, साँचोर, जोडवास, पालडी, केसरगाँव, आलवाडा, नेगाला, धानेरा, छेल्ली घोडी, अनापुर विरोल, विरोल बडी आदि गांवों की 231 बालिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन जागृति कंवर हरदासकाबास ने किया। शिविर में बालिकाओं को अंतिम तीन दिन माननीय संघप्रमुख श्री का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। नारणसिंह उटवेलियाने, अजित सिंह कुणघेर, डूंगरसिंह चारडा तथा हीरसिंह जाडी ने व्यवस्था में सहयोग किया। बनासकांठा प्रान्त में ही बालकों का भी सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 30 अक्टूबर से 05 नवंबर तक नारोली में सम्पन्न हुआ। आर सी मेहता उत्तर बुनियादी विद्यालय के प्रांगण में आयोजित इस शिविर में पलवाडा, पांची, रोलसाहबसर, आँबली, बेन्याकाबास, चाँदेसरा, मीठडी, जगन्नाथपुरा, मोटासडा, ढीमा, उखरला, लवारा, भेसाणा, कमाणा, पांचला, धुडिला, फरेदपुर, वलादर, नारोली, जाडी, लोरवाडा, मूली, अवाणिया, शिहोरी, चारडा, सोनु, पछेगाम, पीपलून, नालोदर, सेतरावा, आकोली, नंदाली, सलेउ, सारंन्डा, आलासण, लोहिडी, पीलुडा, रामसन, काणेटी, सारणी, धोलेरा, सुरावा, खांडी, करडा, धोता, बाडमेर, मोरचंद, कोरना, मीठोडा, सुगेरिया, चेलक, पडेल, सकलाणा, चिभडा, माडका, जडिया, पीपण, लुणोल, मलेकवर, गोला, गडा, वासकोल, देणोक, कुकरवाला, मालूगा, मेसरा, दोलतपुरा, सिधाव, थलसर, दुजार, कुकराणा आदि गाँवो के 185 राजपूत युवा सम्मिलित हुए। शिविर का संचालन माननीय संघप्रमुख श्री के निर्देशन में संघ के संचालन प्रमुख लक्ष्मण सिंह बेन्याकाबास ने किया। अरविंदसिंह नारोली, भगवानसिंह वलादर, हीरसिंह जाडी तथा अजीतसिंह कुणघेर ने व्यवस्था में सहयोग किया। इसी प्रकार अहमदाबाद ग्राम्य प्रांत के कानेटी गांव में भी एक शिविर आयोजित हुआ। 10 से 12 नवम्बर तक आयोजित इस शिविर में कानेटी, खोड़ा, चेखला, पिंपन, मौरेया, साणंद, पलवाड़ा, मेघाणी नगर, मोडासर आदि स्थानों के युवाओं ने दिग्विजयसिंह पलवाड़ा के संचालन में प्रशिक्षण प्राप्त किया। व्यवस्था का जिम्मा कानेटी मंडल ने संभाला।
जैसलमेर संभाग के रामगढ़ प्रान्त के में भी बालिकाओं का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुआ। पनराजसर मन्दिर के प्रांगण में 30 अक्टूबर से 02 नवम्बर तक आयोजित इस शिविर में देवलिया (अजमेर), सोंईतरा (जोधपुर), अवाय, जोगा, रामगढ़, सोनू, पारेवर, पूनमनगर, सेऊवा, अर्जुना, राघवा, जोगीदास गांव, तेजपाला, मोकला, लौद्रवा, जोधा, नेतसी, सगरां, सत्याया, डेलासर, मुलाना, मेगा आदि गांवों की 101 बालिकाओं ने प्रशिक्षण लिया। शिविर का संचालन रीटा कंवर देवलिया ने किया। पदम सिंह रामगढ़, बाबू सिंह बेरसीयाला, सांवलसिंह मोढ़ा, चनण सिंह म्याजलार, चनण सिंह सेऊवा तथा पनराजसर सेवा समिति के सदस्यों ने व्यवस्था में सहयोग किया। इसी प्रकार शेखावाटी प्रान्त में भी एक चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर ग्राम बरसिंहपुरा में सम्पन्न हुआ। 01 से 04 नवंबर तक आयोजित इस शिविर में घीसू सिंह कासली के संचालन में बरसिंहपुरा, गुढ़ा कला, रायपुरा, किशनपुरा, फुलेरा, ढुढिया, महरौली, सिंघाना, भगतपुरा, पलसाना आदि गांवों के 110 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर के समापन के पश्चात श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन की एक बैठक भी रखी गई, जिसमें संयोजक यशवर्धन सिंह झेरली उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान गोविंद सिंह, बजरंग सिंह, रतन सिंह, लाल सिंह, कैलाश सिंह, मूल सिंह, रूप सिंह पलसाना, राजेन्द्र सिंह पलसाना, भागीरथ सिंह महरौली, मंगल सिंह शिस्यू, चतर सिंह शिस्यू, विक्रम सिंह किशनपुरा, बजरंग सिंह पलसाना सहित अनेक युवा भी उपस्थित रहे। नागौर संभाग के लाडनूं प्रांत में भी चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। हुडास गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 29 अक्टूबर से 01 नवंबर तक सम्पन्न इस शिविर में हुडास, छापड़ा, गुगरियाली, ढींगसरी, रताऊ, खाबडि़याना, मणु, खोखरी, खारी जोधा, धुडिला, हीरावती, झरडिया, मगरासर आदि गांवों के युवा सम्मिलित रहे। शिविर का संचालन विक्रम सिंह ढींगसरी ने किया। रामस्वरूपसिंह, शेर सिंह वकील, कालुसिंह पूर्व सरपंच, महावीर सिंह, विजेन्द्र सिंह आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया। चित्तौड़गढ़ जिले की निम्बाहेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव कोटड़ी खुर्द के आंगनवाड़ी केंद्र में भी एक चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। 31 अक्टूबर से 03 नवंबर तक संपन्न शिविर का संचालन संघ के केन्द्रीय कार्यकारी गंगा सिंह साजियाली ने किया। शिविर में कोटड़ी खुर्द, नारेला, आकोला गढ़ (सभी चित्तौडगढ़), निम्बाहेड़ा कलां, बड़ला(सभी भीलवाड़ा), बरखेड़ा, ईशभ खेडी, गुजर खेडी सान्खला, चेन पुरा (सभी मध्यप्रदेश) से शिविरार्थी सम्मिलित हुए। नारायण सिंह कोटड़ी खुर्द, पप्पू सिंह कोटड़ी खुर्द, मोहन सिंह कोटड़ी खुर्द, लक्ष्मण सिंह बडौली, माधो सिंह, गोपाल शरण सिंह सहाड़ा ने व्यवस्था में सहयोग किया। इसी प्रकार मेवाड़-वागड़ संभाग के बांसवाड़ा प्रान्त में भी एक चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 09 से 12 नवंबर तक सम्पन्न हुआ। प्रतापगढ़ में श्री वनदेवी नर्सरी में आयोजित इस शिविर में संभाग प्रमुख भँवर सिंह बेमला के संचालन में चिकलाड़, सेलारपुरा, देवद, कुलथाना, झालो का खेडा, रिछावरा, झासडी, कुणी, सागोट, वणवासा आदि गांवों के युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। व्यवस्था में लक्ष्मण सिंह चिकलाड़, कुबेर सिंह सेलारपुरा, रघुनाथ सिंह चिकलाड़, दिग्विजय सिंह चिकलाड़, तेजपाल सिंह अम्बावली, आनंद सिंह कुणी, कमल सिंह लालपुरा, समन्दर सिंह झालो का खेडा का सहयोग रहा।

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