विगत सप्ताह में श्री क्षत्रिय युवक संघ के छह प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुए। गुजरात में मेहसाणा प्रान्त का प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर कामली गांव स्थित भद्राणि माता के मंदिर में 15-18 जून की अवधि में सम्पन्न हुआ। प्रांत के विभिन्न गांवों के लगभग 140 शिविरार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर संचालन श्री इन्द्रजीत सिंह जैतलवासना ने किया। 16 जून को शिविर में महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्र के समाजबंधु सम्मिलित हुए।
जोधपुर संभाग में शेरगढ़ प्रान्त के जिनजिनियाला गांव में चामुंडराय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रांगण में 14-17 जून की अवधि में शिविर आयोजित हुआ। प्रान्त प्रमुख श्री उम्मेद सिंह सेतरावा के संचालन में सम्पन्न शिविर में सेखाला, बेलवा, बस्तवा, गोपालसर, बालेसर, केतू, घुडियाला, भाळू और जिनजिनयाला आदि गांवों के राजपूत बालकों ने भाग लिया। शिविर के दौरान 16 जून को महाराणा प्रताप जयन्ती भी मनाई गई।
पाली प्रान्त के सोजत मंडल में धाँगड़वास गांव में 15-18 जून की अवधि में शिविर सम्पन्न हुआ, जिसमें धाँगड़वास, पांचला कलां, ढुन्ढा, खारिया सोढा, झुपेलाव, सारंगवास, गुङाश्यामा बासनी, धींगाणा, बरना गुङारामसिह आदि गांवों सहित पाली शहर से भी राजपूत बालक सम्मिलित हुए। शिविर का संचालन श्री महोब्बत सिंह धींगाणा ने किया तथा आयोजन व्यवस्था श्री राजेन्द्र सिंह धाँगड़वास ने अन्य ग्रामवासियों के सहयोग से संभाली। शिविर के दौरान महाराणा प्रताप जयन्ती भी मनाई गई।
चित्तौड़गढ़ जिले में बस्सी गांव में 11-14 जून तक शिविर आयोजित हुआ, जिसमें उदयपुर, चित्तौड़गढ़, नीमच, डूंगरपुर तथा कोटा जिलों के राजपूत बालक सम्मिलित हुए। शिविर संचालन श्री भँवर सिंह बेमला ने किया।
इसी प्रकार राजसमंद जिले में एक प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर खेड़ा माताजी मंदिर, मोलेला (हल्दीघाटी)में 15-18 जून की अवधि में संपन्न हुआ। इस शिविर का संचालन भी श्री भंवर सिंह जी बेमला ने किया। शिविर में उदयपुर, राजसमंद, चितौड़, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, मंदसौर आदि जिलों के राजपूत बालकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर में 16 जून को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई गई। शिविर के दौरान शिविरार्थियों को महाराणा प्रताप स्मारक व चेतक स्मारक के दर्शन भी कराए गए।
अजमेर प्रांत के भांवता गांव में 14-17 जून तक शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें भांवता, सांवर, सोल खूर्द, बिलिया, कादेड़ा, जालिया, हरपुरा आदि गांवों के राजपूत बालक सम्मिलित हुए। शिविर का संचालन श्री रेवत सिंह धीरा ने किया। शिविर की आयोजन व्यवस्था श्री अगर सिंह जी भांवता ने अन्य ग्रामवासियों व समाजबंधुओं के सहयोग से संभाली। शिविर के दौरान महाराणा प्रताप की 478वीं जयंती भी मनाई गई, जिसमें अन्य ग्रामवासी भी सम्मिलित हुए।

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