श्री क्षत्रिय युवक संघ के इस सत्र के प्राथमिक प्रशिक्षण शिविरों की श्रृंखला, जो जून माह में प्रारम्भ हुई थी, निरंतर चल रही है। इसी क्रम में 1 से 4 सितंबर की अवधि में विभिन्न स्थानों पर कुल चौदह शिविर सम्पन्न हुए, जिनमें दो बालिका शिविर भी सम्मिलित है। सभी शिविरों के संक्षिप्त समाचार यहाँ प्रस्तुत है।
गुजरात में सूरत के आस्तिक स्कूल, गोड़ादरा में 1-3 सितंबर तक बालिका शिविर आयोजित हुआ, जिसका संचालन श्रीमती जागृति बा हरदासकाबास ने किया। शिविर में सूरत व मुम्बई में निवासरत राजस्थान, गुजरात व उत्तरप्रदेश राज्यों की लगभग 160 बालिकाएं सम्मिलित हुई। सर्वश्री भंवरसिंह निम्बोला, उत्तमसिंह सामल, जोधसिंह सामल, भंवरसिंह आकोली, अर्जुनसिंह मारोल, अर्जुनसिंह असाड़ा, महेंद्र सिंह मवड़ी, कालूसिंह पादरू, राजूसिंह कोविया, विक्रमसिंह खांडी, राजूसिंह बांटा, गणपतसिंह मादड़ी आदि ने शिविर आयोजन हेतु सहयोग प्रदान किया। शिविर के अन्तिम दिन शिविर स्थल पर सभी समाज बंधुओं का स्नेहमिलन भी रखा गया, जिसमें वरिष्ठ स्वयंसेवक श्री रामसिंह माडपुरा व सूरत के प्रांत प्रमुख श्री खेतसिंह चांदेसरा भी उपस्थित रहे। जोधपुर संभाग के शेरगढ़ प्रान्त के बेलवा गांव स्थित मंगलबाल विद्यालय में 1-4 सितंबर तक बालिका शिविर सम्पन्न हुआ। श्रीमती उषा कंवर पाटोदा के संचालन में सम्पन्न इस शिविर में बापिणी, ओसियां ,सेखाला, बेलवा, गोपालसर, बस्तवा, जिनजिनयाला गड़ा, निंबा का गांव, सिमरखिया ,बालेसर, चामू सहित क्षेत्र के दर्जनों गांवों की लगभग 150 बालिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। आयोजन-व्यवस्था का जिम्मा श्री भैरू सिंह बेलवा एवं श्री नरपत सिंह बस्तवा ने संभाला। शिविर के दौरान बालिकाओं द्वारा बेलवा गांव से 4 किलोमीटर दूर गाजणा माता (प्रतिहार वंश की कुलदेवी) मंदिर तथा बिंजा बाबा की तपोस्थली का भ्रमण भी किया गया। इसी अवधि में पोकरण संभाग के फलौदी प्रान्त के धौलिया गांव में श्री नरपतसिंह राजगढ़ के संचालन में शिविर आयोजित हुआ, जिसमें धौलिया, खेतुसर, अवाय, जोर सिंह की ढाणी, आसकंद्रा, दिधु, सिहड़ा, टेपू, टेकरा आदि गाँवों के 150 राजपूत बालक सम्मिलित हुए। श्री गिरधारी सिंह जी धौलिया ने ग्रामवासियों के सहयोग से शिविर की व्यवस्था संभाली। 3 सितम्बर को कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष में श्री खींव सिंह एवं बारू ग्रामवासियों द्वारा शिविरार्थियों हेतु प्रसादी का आयोजन किया गया। पोकरण प्रान्त में झलोड़ा गांव में भी इसी अवधि में शिविर सम्पन्न हुआ। इस शिविर में 362 झलोड़ा, दाँतल, फलसूण्ड, पारासर, बलाड़, केसूम्बला, राजमथाई, झिनझिनयाली, तेजमालता आदि गांवों तथा कृष्णा छात्रावास बाड़मेर से लगभग 362 राजपूत बालकों व युवाओं ने प्रशिक्षण लिया। शिविर का संचालन श्री हाकम सिंह देवड़ा ने किया। गांव के समाजबंधुओं ने मिलकर व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
सिवाना प्रांत के पादरू मंडल के धारणा गांव में रावली कोटड़ी में 1 से 4 सितम्बर तक शिविर सम्पन्न हुआ। शिविर में धारणा सहित पादरू, इंद्राणा, थापन, कुंडल आदि गांवों के 136 स्वजातीय बंधुओं ने भाग लिया। शिविर का संचालन श्री वीरम सिंह थौब ने किया। शिविर की व्यवस्था सम्भालने में सर्वश्री मेहर सिंह, मंगल सिंह,हीर सिंह, लाख सिंह, विक्रम सिंह सहित धारणा ग्राम के समस्त क्षत्रिय बन्धुओं का सहयोग रहा। विदाई के दिन संभाग प्रमुख श्री मूल सिंह काठाड़ी भी उपस्थित रहे। इसी अवधि में रामगढ़-मोहनगढ़ प्रान्त के सुल्ताना गांव में आयोजित शिविर में जोगा, सोनू, सलखा, पारेवर, बेरसियाला, रामगढ़, तेजमालता, म्याजलार, सुल्ताना, नेहड़ाई, कनोई, लोद्रवा, राघवा, सेरावा, अर्जुना, डिग्गा आदि गांवों के लगभग 270 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रान्त-प्रमुख श्री पदम सिंह रामगढ़ ने शिविर का संचालन किया। समस्त ग्रामवासियों ने मिलकर शिविर की व्यवस्था संभाली। सीकर जिले में खेतड़ी स्थित राजपूत धर्मशाला में भी एक प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर केन्द्रीय कार्यकारी श्री रेवन्त सिंह पाटोदा के संचालन में सम्पन्न हुआ। शिविर में खेतड़ी, त्योंदा, डाडा फतेहपुर, अशोकनगर, अन्नपूर्णा नगर के लगभग 80 युवाओं ने प्रशिक्षण लिया। श्री सुरेंद्र सिंह त्योंदा व श्री भवानी सिंह फतेहपुरा ने आयोजन-व्यवस्था का जिम्मा संभाला। इसी प्रकार भेड़ के भोमनगर में आयोजित शिविर में भेड़, भाखरी, पीलवा, बेदू, बापिणी, ओसियाँ, बालेसर, सेखाला आदि गांवों के 170 राजपूत युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन श्री भरतपाल सिंह दासपा ने किया। श्री मोड़ सिंह व श्री जालम सिंह भेड़ ने अन्य ग्रामवासियों के साथ मिलकर व्यवस्था का जिम्मा संभाला। चुरू प्रान्त के रेडी गांव में भी 1-4 सितंबर तक शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें चुरू व सरदारशहर के राजपूत छात्रावास तथा मीतासर, भाड़ंग, बीलियाँ आदि गांवों के 70 युवाओं ने भाग लिया। शिविर का संचालन श्री राजेन्द्र सिंह आलसर ने किया। रेडी गांव के श्री ज्ञान सिंह, श्री भँवर सिंह, श्री विक्रम सिंह, श्री बजरंग सिंह आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया। सायला प्रांत के जसवंतपुरा मंडल के पूरण गांव में स्थित भूतेश्वर महादेव मन्दिर के प्रागंण में भी एक प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर इसी अवधि में संपन्न हुआ। शिविर में पूरण, चेकला, तेजावास, केसुआ, सरण का खेड़ा, जाखड़ी, रतनपुर आदि गाँवो के साथ भीनमाल राजपूत छात्रावास के छात्रों ने भी प्रशिक्षण लिया। शिविर का संचालन श्री अमर सिंह चाँदना ने संभागप्रमुख श्री अर्जुन सिंह देलदरी के निर्देशन में किया। पूरण गांव के समस्त समाजबंधुओं ने मिलकर व्यवस्था संभाली। शिविर समाप्ति के पश्चात एक स्नेहमिलन भी रखा गया जिसमें पूरण समेत आस पास के गाँवों के समाजबंधुओं ने भाग लिया। इस दौरान मन्दिर के महंत श्री गणेशगिरी जी महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त हुआ। जयपुर संभाग के अंतर्गत आने वाले दौसा प्रान्त के बाढ़ मोचिगपुरा गांव में भी इसी अवधि में शिविर सम्पन्न हुआ। श्री मदनसिंह बामणिया के संचालन में सम्पन्न इस शिविर में झापडावास, लिखली, दौसा, उदयपुरा, गढ़, मलारना, बाढ़ मोचिगपुरा, खेतड़ी, कारोली, भोजपुरा, जिराडी तथा गुगलकोटा से लगभग 80 शिविरार्थियों ने प्रशिक्षण लिया। सर्व श्री दातार सिंह, गंगासिंह, श्यामवीर सिंह, अजयसिंह, करणसिंह, जितेन्द्रसिंह, गजेन्द्रसिंह, संग्रामसिंह, नरेन्द्रसिंह आदि ग्रामवासियों ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला। इसी प्रकार पाली जिले के मारवाड़ जंक्शन स्थित सरस्वती विद्यालय में शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें बासनी, भाणका, जोजावर, मारवाड़ जंक्शन, बिठौड़ा कलां, गुड़ा रामसिंह, चावंडिया, राजकिया, नवातला, सोजत आदि से 120 युवा सम्मिलित हुए। शिविर का संचालन संघ के केन्द्रीय कार्यकारी श्री प्रेमसिंह रणधा ने किया। नागौर संभाग के लाडनूं-सुजानगढ़ प्रान्त के डीडवाना मण्डल का शिविर ठाकरियावास गांव स्थित संस्कृत विद्यालय के प्रांगण में सम्पन्न हुआ। श्री नत्थू सिंह छापड़ा के संचालन में ठाकरियावास, पाटण, बिठूडा, सिंघाना, चक, खारड़िया, सांवराद, घिरडोदा आदि गांवों के बालकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। सर्वश्री शिवदानसिंह, राजेन्द्रसिंह, जुगलसिंह, ओमसिंह ठाकरियावास ने समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से व्यवस्था संभाली। इसी प्रान्त के लाडनूं मंडल में भी एक शिविर कोयल गांव में सम्पन्न हुआ। श्री उगम सिंह गोकुल के संचालन में सम्पन्न इस शिविर में ढिंगसरी, तिपनी, धूड़ीला, ओड़िन्ट, कोयल, दुडोली, रताऊ, हिरावती आदि गांवों के लगभग 85 युवाओं ने प्रशिक्षण लिया। श्री प्रताप सिंह कोयल व श्री दौलत सिंह कोयल ने व्यवस्था में सहयोग दिया।

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