जालोर जिले के रेवत गांव स्थित केशरनाथ जी की तपोस्थली ‘चितहरणी’ में श्री क्षत्रिय युवक संघ का प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर 23-26 अप्रैल तक सम्पन्न हुआ। शिविर का आयोजन विशेषतः महाराष्ट्र में रहने वाले प्रवासी बंधुओं हेतु किया गया था। शिविर संचालक श्री रेवन्त सिंह पाटोदा ने शिविरार्थियों को संघ के विचार-दर्शन को समझाते हुए कहा कि जहां संसार में सभी बंधनों को तोड़कर स्वच्छंद जीवन बिताने की स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाया जा रहा है, वहीं संघ श्रेष्ठ आदर्शों, माता-पिता, समाज, संस्कृति, राष्ट्र आदि के बंधनों को स्वीकार कर के जीना सिखाता है। ऐसा जीवन जीना तपस्या द्वारा ही संभव है और संघ के शिविर में ऐसे ही तपस्वी जीवन का प्रशिक्षण दिया जाता है। पूज्य श्री तनसिंह जी ने स्वयं अपने जीवन में संघ के सभी आदर्शों को उतारकर हमें राह दिखाई। तनसिंह जी को समझने पर ही संघ समझ में आएगा।
शिविर के तीसरे दिन स्नेहमिलन कार्यक्रम भी रखा गया, जिसमें आस-पास के क्षेत्र के समाजबंधु सम्मिलित हुए।

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