31 अगस्त से 10 सितंबर तक श्री क्षत्रिय युवक संघ के 13 प्रशिक्षण शिविर विभिन्न स्थानों पर आयोजित हुए, जिनमें 2 बालिका शिविर भी सम्मिलित है। सभी शिविरों के संक्षिप्त समाचार यहां प्रस्तुत हैं-

नागौर संभाग के लाडनूं सुजानगढ़ प्रान्त के डीडवाना मंडल के अंतर्गत बरांगना गांव स्थित श्री राजपूत सभा भवन में 7-10 सितंबर की अवधि में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हुआ। श्री नत्थू सिंह छापड़ा के संचालन में सम्पन्न शिविर में बरांगणा, खरेश, भंडारी, हरनावा, देनोक, मानगढ़, ललाना, सिंघाना, ढिंगसरी, जेवलियाबास, रातंगा, लखासर, झंझेऊ, गांवड़ी आदि गांवों के युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। श्री मदन सिंह तथा श्री विनोद सिंह बरांगना ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
बीकानेर प्रान्त के बेलासर गांव में भी 7 से 10 सितंबर तक एक शिविर आयोजित हुआ जिसमें बेलासर, झंझेऊ, गीगासर, पुनदलसर, कीरतासर आदि गाँवो के 115 बालकों और युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन श्री शक्ति सिंह आशापुरा ने किया। शिविर व्यवस्थापक श्री जुगल सिंह बेलासर थे जिनका सहयोग गाँव के युवा वर्ग ने किया।
जालोर संभाग में इस दौरान 2 शिविर सम्पन्न हुए। जालोर प्रान्त के कुआरडा गांव में नरपतसिंह जी के फार्म हाउस पर 7-10 सितंबर की अवधि में शिविर आयोजित हुआ, जिसका संचालन श्री अमरसिंह चांदना ने किया। शिविर में मोरुआ, बेदाना, अगवरी, कुआड़ा, धिंगाणा, पांचोटा, बाला, चेंडा, रोडला, पांचला, भाद्राजून, आकोरापादर, झाड़ोली वीर, असाडा, भवरानी आदि गाँवो के स्वयंसेवक शामिल हुए। श्री जयसिंह आकोरापादर तथा श्री खुमानसिंह दुदीया ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
इसी अवधि में सांचोर प्रान्त के हरियाली गांव में भी शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें हरियाली, सुरावा, सेवाड़ा, करवाड़ा, पुर, जाखड़ी, केरिया, होतीगांव, भाटीप आदि गांवों के युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन श्री महोब्बत सिंह धींगाणा ने किया। श्री भवानी सिंह हरियाली ने ग्रामवासियों के सहयोग से व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
7-10 सितंबर की अवधि में ही एक प्रशिक्षण शिविर श्री मोड़िया महादेव जी, बगेरिया बिजयपुर, चित्तौडगढ़ में आयोजित हुआ। शिविर में बिजयपुर, जवासिया, भिमपुरिया, सोकिया, अचलपुरा, खेड़िया, सहाड़ा, चरपोटिया, नरधारी, आकोला गढ़, भाटियो का खेडा, बेनिपुरिया, बाडा पिचानोत (सवाई माधोपुर), सांपनी (जालोर), बेमला (उदयपुर) आदि गाँवो से राजपूत युवा सम्मिलित हुए। शिविर का संचालन श्री भँवर सिंह बेमला ने किया। बिजयपुर राव साहब नरेंद्र सिंह जी, दिग्विजय सिंह जी बिजयपुर, भवानी प्रताप सिंह जी बिजय पुर, गोपाल शरण सिंह जी सहाड़ा, लक्ष्मण सिंह जी भाटियो का खेडा, जीवन सिंह जी नरधारी आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया।
मेवाड़- मालवा संभाग के भीलवाड़ा- हाड़ौती प्रान्त के बड़ी रूपाहेली गांव में भी 7 से 10 सितंबर तक शिविर आयोजित हुआ। शिविर में उदयपुर, भीलवाड़ा शहर, ढेलाणा, सरेड़ी, सबलपुरा, गुलाबपुरा, भटेडा, सनोदिया आदि स्थानों के लगभग 120 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन श्री बृजराजसिंह खारड़ा ने किया। शिवराजसिंहजी, सतेंद्र सिंहजी, लड्डू बन्ना आदि ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
जैसलमेर संभाग के चांधन प्रांत में एक शिविर सोढ़ाकोर गांव में 7-10 सितंबर तक आयोजित हुआ जिसमें सोढाकोर, डेलासर, चांधन, मालीगडा, करमा की ढाणी, धायसर, मूलाना, द्वारा, बेरसियाला, रामगढ़, सनावड़ा, झिनझिनयाली, म्याजलार, जेठा आदि गांवों के 150 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर संचालन श्री तारेन्द्रसिंह झिनझिनयाली ने किया। व्यवस्था में सर्वश्री छतरसिंह सोढाकोर, देवीसिंह सोढाकोर, चुतरसिंह सोढाकोर, राजू सिंह सोढाकोर व करणसिंह सोढाकोर ने सहयोग किया।
इसी प्रकार बालिकाओं का एक शिविर नवलखा फार्म हाऊस, डूंगरपुर में दिनांक 07 से 10 सितंबर तक श्रीमती लक्ष्मी कंवर खारड़ा के संचालन में सम्पन्न हुआ। शिविर में लगभग 200 स्वयंसेविकाएँ सम्मिलित हुई। शिविर में वरिष्ठ स्वयंसेवक गंगा सिंह जी सजियाली भी उपस्थित रहे। स्थानीय निवासियों ने मिलकर व्यवस्था का जिम्मा संभाला।
बाड़मेर में भारतीय ग्राम्य आलोकायन ट्रस्ट द्वारा संचालित आलोक आश्रम में भी इसी अवधि में एक शिविर सम्पन्न हुआ। श्री भगवान सिंह दुधवा के संचालन में सम्पन्न इस शिविर में बाड़मेर शहर के विभिन्न छात्रावासों से लगभग 180 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए।

गुजरात के अहमदाबाद प्रांत में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक कानेटी गांव स्थित प्राथमिक शाला में बालिका शिविर का आयोजन हुआ जिसका संचालन श्रीमती जाग्रति बा हरदासकाबास ने किया। शिविर में कानेटी, चेखला, साणंद, खोडा, पीपण, परवाडा, मोडा सर, वासना (इ), गोधावी, गांधीनगर, वसइ (डाभला), वसइ (टींबा), सनाथल, वडाला, बिगेरे आदि स्थानों से लगभग 135 बालिकाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
गुजरात में ही बनासकांठा प्रांत के मेजरपुरा गांव स्थित सरस्वती हाईस्कूल में 31 अगस्त से 2 सितंबर तक एक शिविर आयोजित हुआ जिसका संचालन श्री अजीतसिंह कुनघेर ने किया। शिविर में 5 जिलों के 31 गांवों से 140 युवा उपस्थित रहे। व्यवस्था का जिम्मा श्री रामसिंह सकलाणा ने संभाला।
गुजरात के गोहिलवाड़ संभाग में राजकोट स्थित हरभमजी राज गरासिया राजपूत बोर्डिंग हाउस में 7-9 सितंबर तक एक शिविर का आयोजन हुआ। श्री महेंद्रसिंह पांची के संचालन में सम्पन्न इस शिविर में बोर्डिंग हाउस के 105 विद्यार्थियों सहित कुल 115 स्वयंसेवक सम्मिलित हुए। श्री जयेन्द्र सिंह कोटड़ा नायाणी ने व्यवस्था का जिम्मा संभाला। वयोवृद्ध स्वयंसेवक श्री प्रवीण सिंह जी सोलिया, दशरथसिंह जी छत्रासा तथा दिलुभा जिंजर भी शिविर में उपस्थित रहे।
गुजरात में ही भाल प्रांत के अंतर्गत धंधुका स्थित राजपूत छात्रावास में 7-9 सितंबर तक एक प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न हुआ, जिसमें धोलेरा, सोठिडा, पांची, आम्बली, मोरचंद, पछेगाम आदि गांवों से लगभग 130 युवाओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। शिविर का संचालन श्री धर्मेन्द्र सिंह आम्बली ने किया। चुडासमा राजपूत समाज के कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था में सहयोग किया।

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