बाड़मेर स्थित भारतीय ग्राम्य आलोकायन संस्थान द्वारा संचालित आलोक आश्रम के प्रांगण में श्री क्षत्रिय युवक संघ का दम्पती शिविर 07 मार्च से 10 मार्च तक माननीय संघप्रमुख श्री के पावन सान्निध्य में आयोजित हुआ। शिविर में राजस्थान व गुजरात के विभिन्न प्रांतों से आये 24 दम्पती जोड़ो ने भाग लिया। चूंकि दम्पती परिवार रूपी व्यवस्था की धुरी होते हैं इसीलिए उनका पारस्परिक व्यवहार कैसा हो, परिवार के अन्य सदस्यों के प्रति उनका क्या दायित्व है, समाज और संस्कृति की मर्यादाओं और परंपराओं के निर्वहन में उनकी क्या भूमिका है, संतति के जीवन निर्माण हेतु उनके प्रयत्न क्या हो, यह सभी शिक्षण उनको दिया जाना आज के समय की प्रबल आवश्यकता है। शिविर के दौरान विभिन्न गतिविधियों व प्रवचनों के माध्यम से यह शिक्षण दिया गया। शिविर में प्रतिदिन पति पत्नी द्वारा एक साथ यज्ञ किया गया जिसमें परमेश्वर की उपासना करते हुए धर्म को जीवन का आधार बनाने की प्रार्थना की गई। विभिन्न खेलों के माध्यम से उस अहं को गलाने का प्रयास हुआ जो पति-पत्नी और अन्य पारिवारिक सम्बन्धों में दरार पैदा करता है। होली के दिन होलिका दहन का कार्यक्रम भी हुआ जिसके पश्चात सहगीत व नृत्य हुआ। सभी दंपतियों ने ईश्वर से अपनी बुराइयों को, विकृतियों को जलाने की प्रार्थना की। धुलण्डी के दिन माननीय संघप्रमुख श्री के निर्देशन में पति पत्नी द्वारा एक दूसरे को गुलाल लगाकर होली खेली गई। एक आदर्श परिवार के रूप में चार दिन तक शिविर में साथ रहकर दंपतियों ने आगामी शिविरों में पुनः मिलने के संकल्प के साथ विदा ली।

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