श्री क्षत्रिय युवक संघ के संस्थापक तथा हम सभी के प्रेरणास्रोत पूज्य श्री तनसिंह जी की 96वीं जयन्ती 25 जनवरी, 2020 को देशभर में उत्साह पूर्वक मनाई गई जिसके संक्षिप्त समाचार यहां प्रस्तुत है। जयपुर स्थित संघ के केंद्रीय कार्यालय संघशक्ति में मुख्य समारोह माननीय संघप्रमुख श्री की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उन्होंने उपस्थित समाजबंधुओं से कहा कि महापुरुषों की जयन्ती मनाना तभी सार्थक है कि जब हम उनके बताए मार्ग पर चलें। हम सभी अचेतावस्था में जी रहे हैं जबकि तनसिंह जी जागृत व्यक्ति थे। उन्होंने हम सभी को जगाने का कार्य प्रारंभ किया। हम भी स्वयं जगकर इस जागरण अभियान में सहयोगी बनें इसी में उनकी जयन्ती मनाने की सार्थकता है। गुजरात के सुरेंद्रनगर स्थित संघ कार्यालय शक्तिधाम में आयोजित जयन्ती कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वयंसेवक अजीतसिंह धोलेरा उपस्थित रहे। बाड़मेर शहर में स्टेशन रोड स्थित श्री मल्लीनाथ छात्रावास में वरिष्ठ स्वयंसेवक कमल सिंह चुली की उपस्थिति में जयंती मनाई गई। नागौर संभाग में ही कुचामन स्थित संघ कार्यालय आयुवान निकेतन में वरिष्ठ स्वयंसेवक छोटूसिंह जाखली तथा भगवत सिंह सिंघाना की उपस्थिति में जयन्ती मनाई गई। इसी प्रकार चित्तौड़गढ़ में भूपाल राजपूत छात्रावास में केंद्रीय कार्यकारी प्रेमसिंह रणधा की उपस्थिति में जयन्ती मनाई गई। कार्यक्रम को भूपाल पब्लिक स्कूल के एम डी लालसिंह भाटी, वरिष्ठ स्वयंसेवक गंगासिंह साजियाली, बाबूसिंह जगपुरा, मीना कुंवर सहाड़ा ने भी संबोधित किया। जोधपुर शहर स्थित संघ कार्यलय तनायन में भी जयंती मनाई गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कार्यकारी रेवन्तसिंह पाटोदा ने कहा कि पूज्य तनसिंह जी द्वारा प्रदत्त श्री क्षत्रिय युवक संघ एक सम्पूर्ण जीवन पद्धति है जो हमारे जीवन के प्रत्येक पहलू को निखारकर सर्वोत्कृष्ट स्तर पर ले जाती है। पूज्य तनसिंह जी ने अपने जीवन के द्वारा इस पद्धति की वैज्ञानिकता और व्यावहारिकता को सिद्ध किया तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में शिखर को सहजता से प्राप्त करके दिखाया। रश्मि कंवर रामदेरिया ने तनसिंह जी का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। जोधपुर शहर में स्थित श्री हनुवंत राजपूत छात्रावास में संभाग प्रमुख चंद्रवीरसिंह देणोक की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। छात्रावास के वार्डन गजेसिंह गंठिया तथा डॉ. मनोहरसिंह बुड़ीवाड़ा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। जोधपुर में ही जय भवानी नगर में भी जयंती मनाई गई जिसमें वरिष्ठ स्वयंसेवक चैनसिंह बैठवास उपस्थित रहे। भोपालगढ बिलाङा प्रान्त के साथीण में तथा जसवंत होस्टल जोधपुर में भी जयंती मनाई गई। बालोतरा संभाग के अंतर्गत पादरू में श्री जैतमाल राजपूत छात्रावास में जयंती संभाग प्रमुख मुलसिंह काठाड़ी की उपस्थिति में मनायी गयी। कुण्डल के स्थानीय निजी शिक्षण संस्थान सरोज बाल निकेतन, विवेकानंद स्कूल बालोतरा, मेवानगर, श्री पृथ्वीराज शाखा सिणेर, कल्याणपुर की दईपड़ा खिंचियान बाल शाखा तथा चांदेसरा में भी जयंती मनाई गई। वीर दुर्गादास हॉस्टल बालोतरा में वरिष्ठ स्वयंसेवक चन्दन सिंह चान्देसरा की उपस्थिति में कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। बाड़मेर संभाग में शिव प्रान्त के चोचरा गांव में स्थित पाबूजी के प्राचीन मंदिर में भी जयंती कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बाड़मेर के सिवाना में कल्ला रायमलोत राजपूत बोर्डिंग में तथा चौहटन स्थित भवानी क्षत्रिय बोर्डिंग हाउस में जयंती कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जैसलमेर संभाग के चांधन प्रान्त में चांधन स्थित राजपूत छात्रावास में तथा देवीकोट मंडल में देवीकोट स्थित श्री मरूधरा आदर्श छात्रावास परिसर में भी जयंती मनाई गई। पूज्य श्री तनसिंह जी के जन्मस्थान बेरसियाला में, भोजदेव शाखा (तेजमालता) तथा जोगीदास का गांव में भी जयंती मनाई गई। पोकरण के दयाल राजपूत छात्रावास में संभाग प्रमुख गणपतसिंह अवाय की उपस्थिति में जयंती मनाई गई। पोकरण के भैंसड़ा तथा फलसुंड में भी कार्यक्रम आयोजित हुए।
जालोर प्रान्त के अंतर्गत आहोर में शक्ति सराय में जयंती समारोह का आयोजन संभाग प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी की उपस्थिति में हुआ। जालोर संभाग के भीनमाल में स्थानीय गोपाल राजपूत छात्रावास में तथा श्री राव बल्लू जी राजपूत छात्रावास सांचौर में भी पूज्य श्री की जयंती मनाई गई। पाली प्रान्त में शहर स्थित वीर दुर्गादास राठौड़ छात्रावास की शाखा में भी जयंती कार्यक्रम रखा गया। साथ ही जयंती के उपलक्ष में स्वयंसेवकों द्वारा मारवाड़ जंक्शन, चावंडिया, राणावास आदि स्थानों पर विचार क्रांति अभियान के अंतर्गत संघशक्ति व पथप्रेरक की सदस्यता हेतु अभियान चलाया गया। गुडांगरी तथा बासनी शाखा में भी जयन्ती मनाई गई।
नागौर प्रांत के खीवसर तहसील में लक्ष्य पब्लिक शिक्षण संस्थान माध्यमिक विद्यालय, साठीका कल्ला में कार्यक्रम आयोजित हुआ। डीडवाना व लाडनूं मंडल का संयुक्त कार्यक्रम वीरवार दुर्गादास राठौड़ सभा भवन, डीडवाना में सम्पन्न हुआ। नागौर के छापड़ा गांव में, केरियर पोईन्ट स्कूल बिदासर में तथा अमर राजपूत छात्रावास में भी जयन्ती मनाई गई। इसी प्रकार उदयपुर में महाराणा साँगा शाखा, बी एन में जयंती मनाई गई जिसमें संभागप्रमुख भंवरसिंह बेमला उपस्थित रहे। मेवाड़-मालवा सम्भाग के अंतर्गत भीलवाड़ा स्थित प्रताप युवा शक्ति के कार्यालय में आयोजित जयंती कार्यक्रम में संभाग प्रमुख बृजराज सिंह खारड़ा उपस्थित रहे। बीकानेर के नोखा में स्थानीय श्री करणी राजपूत छात्रावास में, श्री करणी विद्या मंदिर किरतासर में, छतरगढ़ प्रान्त के मोतीगढ़ स्थित सरस्वती पब्लिक स्कूल में तथा विजय भवन शाखा में भी पूज्य श्री की जयन्ती मनाई गई। चुरू प्रान्त के रतनगढ़ क्षेत्र के लुणासर गांव में तथा सीकर के महरोली में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। करणी बाल स्कूल, इंद्रा कॉलोनी पार्क में भी जयन्ती मनाई गई।
गुजरात में बनासकांठा प्रांत के थराद मंडल की करबून, वलादर तथा नारोली शाखाओं में जयन्ती कार्यक्रम आयोजित हुए। वड़गाम मंडल में झांझर रेजीडेंसी में तथा धानेरा मंडल में राजपूत बोर्डिंग में समारोह आयोजित हुआ जिसमें 1100 की संख्या में समाजबंधु मातृशक्ति सहित उपस्थित रहे। जयंती के अवसर पर गुजरात के सूरत शहर में रक्तदान शिविर आयोजित हुआ, जिसमें 118 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। महेसाना प्रांत के पाटन मंडल के जखाना गांव में, पदुस्मा गांव में तथा अहमदाबाद ग्राम्य प्रान्त के कानेटी गांव में भी जयंती मनाई गई। गोहिलवाड संभाग में खड्सलिया गांव में, राजपूत छात्रावास वल्लभीपुर में तथा भाल प्रान्त में धंधुका स्थित राजपूत छात्रावास में भी जयंती कार्यक्रम रखा गया। मेहसाणा की नंदाली शाखा में, साणंद की चेखला तथा मोडासर शाखाओं में तथा गांधीनगर जिले के पीथापुर गांव में भी जयन्ती मनाई गई। महाराष्ट्र में मुम्बई की तनेराज शाखा व वीर दुर्गादास शाखा में तथा पुणे में भी कार्यक्रम रखा गया। उत्तरप्रदेश के मोरना में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। बाड़मेर के गुड़ामालानी प्रान्त के भालीखाल में वरिष्ठ स्वयंसेवक देवीसिंह माडपुरा की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित हुआ। सिरोही प्रान्त के सिवना में भी जयन्ती मनाई गई।

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